Bharat ka Rashtriya Dhwaj essay in Hindi language | भारत का राष्ट्रीय ध्वज निबंध

Bharat ka Rashtriya Dhwaj essay in Hindi language तिरंगा हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज हैं| तिरंगा हर हिन्दुस्तानी को प्रिया है| तिरंगा हमारे देश की शान है| तिरंगा जिसे देख कर हमारी छाती गर्व से चौड़ी हो जाती हैं| हमारे देश का ध्वज तीन रंगों से बना हैं| इन कलर में सबसे ऊपर केसरिया कलर होता हैं| बीच में में सफ़ेद और अंतिम में हरा रंग होता है| तिरंगे के तीनों कलर के बीच में एक चक्र होता हैं, जिसे अशोक चक्र कहते हैं| यह अशोक चक्र इस तिरंगे का सबसे महत्पूर्ण भाग होता हैं| तिरंगे को देखते ही हमारे मन में एक बात आती हैं कि तिरंगा काफी खूबसूरत हैं और इसके लिए कई क्रांतिकारियों और वीरों ने अपने प्राण न्योछावर किये हैं| देश में अपना ध्वज लहराने का मतलब है कि वो देश आजाद है|

आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने कहा था ‘राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ हमारी स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि ये देश की समस्त जनता की स्वतंत्रता का प्रतीक है|’ भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज खादी के कपड़े का होना चाहिए| शुरुआत में राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल आम नागरिकों द्वारा सिर्फ राष्ट्रीय दिवस जैसे स्वतंत्रता दिवस व गणतन्त्र दिवस को ही होता था, बाकि के दिनों में वे उसको नहीं फेहरा सकते थे| लेकिन कुछ समय के बाद यूनियन कैबिनेट ने इसमें बदलाव किया और आम नागरिकों द्वारा इसके उपयोग को शुरू कर दिया गया|

राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता के लिए, भारत की लम्बी लड़ाई व राष्ट्रीय खजाना का प्रतिनिधित्व करता है| यह स्वतंत्र भारत के गणतंत्र का प्रतीक है| देश आजाद होने के कुछ दिन पूर्व 22 जुलाई 1947 को स्वतंत्र भारत के संविधान को लेकर एक सभा आयोजित की गई थी, जहाँ पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को सबके सामने प्रस्तुत किया गया| इसके बाद 15 अगस्त 1947 से 26 जनवरी 1950 तक राष्ट्रीय ध्वज को भारत के अधिराज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया| 1950 में संविधान लागु होने पर इसे स्वतंत्र गणतंत्र का राष्ट्रीय ध्वज घोषित किया गया| राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वेंक्क्या द्वारा बनाया गया था|

तिरंगी ध्वज मे तीन रंग होते है और उनके तीन रंग का अपना एक अलग अर्थ हैं| जैसे की
केसरिया : केसरिया रंग तिरंगे में सबसे उपर होता है, यह साहस, निस्वार्थता व शक्ति का प्रतीक है|

सफ़ेद : तिरंगा में सफ़ेद रंग सच्चाई, शांति व पवित्रता का प्रतीक है| यह रंग देश में सुख शांति की उपयोगिता को दर्शाता है|

हरा :  हरा रंग विश्वास, शिष्टता, वृद्धि व हरी भरी भूमि की उर्वरता का प्रतीक है| यह सम्रधि व जीवन को दर्शाता है|

अशोक चक्र :  इसे धर्म चक्र भी कहते है| नीले रंग का अशोक चक्र तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक द्वारा बनाया गया था| जिसे तिरंगा में बीच में लगाया गया है, इसमें 24 धारियां होती है| अशोक चक्र जीवन के गतिशील होने को दर्शाता है, इसका न होना मतलब म्रत्यु है| इस तरह से हमे हमारे देश के तिरंगेपर बहुत गर्व है|

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