Hindi Essay (Hindi Nibandh) 150 विषयों पर हिंदी निबंध | Essays in Hindi on 150 Topics

हिंदी निबंध : हिंदी भाषा में ‘निबंध’ शब्द का अर्थ ‘बँधा हुआ’ होता है। ‘काशी नागरी प्रचारिणी सभा’ द्वारा प्रकाशित ‘हिंदी शब्द सागर’ में निबंध का अर्थ ‘बंधन’ दिया गया है। अत: किसी भी एक निबंध पर एक योजना बनाकर सरल, रोचक, आकर्षक और स्पष्ट शब्दों में अपने विचार प्रकट करना ‘निबंध’ कहलाता है। ‘निबंध’ शब्द का दूसरा शाब्दिक अर्थ है—वह व्याख्या, जिसमें अनेक मतों का संग्रह हो। इस अर्थ के अनुसार भी निबंध में लेखक चुने हुए विषय के ऊपर अपने स्वयं के विचार अथवा मत प्रकट करता है।

साधारणत: ‘प्रबंध’ और ‘लेख’ शब्द ‘निबंध’ के पर्यायवाची समझे जाते हैं, किंतु ‘निबंध’ और ‘लेख’ में थोड़ा अंतर होता है। किसी भी विषय पर केवल अपने विचार लिख देना ‘लेख’ कहलाता है; किंतु उसी विषय पर अपने विचारों को यथास्थान व्यवस्थित करके लिखना ‘निबंध’ कहलाता है। निबंध के अंतर्गत यदि किसी वस्तु का वर्णन भी किया जाता है तो भी लेखक को निजी विचार और भाव प्रकट करना आवश्यक होता है।

थोड़े, किंतु चुने हुए शब्दों में किसी विषय पर अपने विचार प्रकट करने के प्रयत्न को निबंध कहते हैं। निबंध के विषयों की कोई निश्चित सीमा नहीं। चींटी से लेकर स्पूतनिक तक, निबंध के लिए किसी भी विषय को लिया जा सकता है।

निबंध का आरंभ – निबंध का आरंभ ऐसे सुंदर ढंग से होना चाहिए कि उससे पढ़नेवाले की उत्सुकता एकदम बढ़े और वह उसे पूरा पढ़ने को तैयार हो जाए। निबंध में मौलिकता, मनोरंजकता तथा विचारपूर्णता अवश्य होनी चाहिए।

निबंध का साधन – पुस्तकों तथा पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन निबंध-लेखन का अचूक साधन है। जितना ही अधिक अध्ययन किया जाए, उतना ही विषयों का विस्तृत ज्ञान प्राप्त होता है, जिससे निबंध-लेखन में कुछ भी कठिनाई नहीं रह जाती।

Nibandh In Hindi – Hindi Essay Topics :

वर्णनात्मक निबंध –

वर्णनात्मक निबंध के अंतर्गतमें किसी वस्तु, पदार्थ, स्थान, यात्रा, घटना या दृश्य आदि का वर्णन किया जाता है। इसमें युक्ति-प्रमाण नहीं दिए जाते, केवल वर्ण्य-विषय का यथार्थ चित्रण किया जाता है।

अनु.क्र वर्णनात्मक निबंध
भारतीय खेल Indian Sports
सैनिक शिक्षा Military Education
वृक्षारोपण के महत्व Importance of Tree Plantation
पुस्तकालय Library
ग्रामसुधार Gramsudhar
खेलों का राजा क्रिकेट Cricket
राष्ट्रीय पक्षी मोर National Bird Peacock
मनोरंजन के आधुनिक साधन Modern Means of Entertainment
बिजली के उपयोग Importance of Electricity
१० हमारी पाठशाला का चपरासी Our School Peon
११ आदर्श विद्यार्थी Ideal Student
१२ मेरी माँ My Mother
१३ मेरे पड़ोसी का कुत्ता My Neighbor’s Dog
१४ एस. टी. स्टैंड का दृश्य Scenes at Bus Stand
१५ मेरा देखा हुआ कवि-सम्मेलन Poet Conference I Saw
१६ हमारे राष्ट्रीय त्योहार Our National Festivals
१७ हमारे राष्ट्रीय त्योहारों का महत्त्व Importance of Our National Festivals
१८ हमारे त्योहार Our Festivals
१९ होली का त्योहार Holi Festival
२० हमारा स्वातंत्र्यदिन अथवा १५ अगस्त Our Independence Day
२१ रक्षाबंधन का त्योहार Rakshabandhan Festival
२२ दशहरे का त्योहार Dussehra Festival
२३ गणतंत्रदिन अथवा २६ जनवरी Republic Day
२४ अकाल Famine
२५ ऋतुराज वसंत Spring Season
२६ वर्षाऋतु Rainy Season
२७ बाढ के दृश्य Flood Scene
२८ भूकंप की संहारलीला Earthquake Storm
२९ भूकंप Earthquake
३० हमारे पड़ोसी Our Neighbors
३१ आदर्श मित्र Ideal Friend
३२ आदर्श नागरिक Good Citizen
३३ भारतीय किसान Indian Farmer
३४ भारतीय सैनिक Indian Soldier
३५ हमारा नौकर Our Servant
३६ बगीचे में दो घंटे Two Hours in the Garden
३७ मेले में दो घंटे Two Hours at the Fair
३८ नदी-किनारे की एक संध्या Evening Walk by the Riverside
३९ सागर के किनारे एक शाम Evening at the Seashore
४० आँखों देखी दुर्घटना Accident I Saw
४१ एक रेल-दुर्घटना Train Accident
४२ गाँव के कुएँ का दृश्य Scenes at a Village Well
४३ अजायबघर में एक घंटा One Hour in Museum
४४ परीक्षा से पहले एक घंटा Importance of Exams
४५ प्रदर्शनी में दो घंटे Visit to an Exhibition
४६ मतदान केंद्र पर दो घंटे Importance of Voting
४७ अस्पताल में एक घंटा Hospital
४८ राशन की दुकान पर एक घंटा Ration Shop
४९ बस-स्थानक पर एक घंटा A Hour at the Bus Stop
५० सब्जी-मंडी में आधा घंटा The Village Market
५१ परीक्षा-भवन में तीन घंटे Three Hours in Examination Hall
५२ खेल के मैदान पर एक घंटा My School Playground
५३ मेरा प्रिय समाचारपत्र My Favourite Newspaper
५४ मेरी प्रिय ऋतु वसंत My Favourite Season
५५ मेरी प्रिय पुस्तक My Favourite Book
५६ मेरा प्रिय शौक My Favourite Hobby
५७ मेरा गाँव My Village
५८ दीपावली का त्योहार Diwali Festival
५९ मेरा प्रिय त्योहार My Favorite Festival
६० मेरा प्रिय खेल My Favorite Sport

कथात्मक या विवरणात्मक निबंध –

कथात्मक या विवरणात्मक निबंध के अंतर्गत इतिहास, जीवन-चरित, कहानी, आत्मकथा आदि विषय आते हैं।

अनु.क्र कथात्मक निबंध
विद्यार्थी जीवन Student’s Life
एक अकालग्रस्त गाँव की मुलाकात Meeting Famine Stricken Village
एक ऐतिहासिक स्थान की मुलाकात Visit to Historical Place
एक पहाड़ी स्थान की मेरी मुलाकात Visit to Hill Station
चाँदनी रात में नौकाविहार Boating in the Moonlight Night
गाँव की एक सैर Trip to Village
एक किले की सैर Visit to Fort
देशभक्त की आत्मकथा Autobiography of Patriot
एक नेता की आत्मकथा Autobiography of a Leader
१० एक भूकंप-पीड़ित की आत्मकथा Autobiography of Earthquake Victim
११ एक बाढ़पीड़ित की आत्मकथा Autobiography of Flood Victim
१२ एक मजदूर की आत्मकथा Autobiography of Worker
१३ एक पर्वतारोहक की आत्मकथा Autobiography of Mountaineer
१४ एक बूढ़े नौकर की आत्मकथा Autobiography of Old Servant
१५ एक शिक्षक की आत्मकथा Autobiography of Teacher
१६ एक अंधा बोलता है Autobiography of Blind Person
१७ एक भिखमंगे की आत्मकथा Autobiography of Beggar
१८ एक अनाथ बालक की आत्मकथा Autobiography of Orphaned Boy
१९ एक विधवा की आत्मकथा Autobiography of Widow
२० चाँद की आत्मकथा Autobiography of Moon
२१ बादल की आत्मकथा Autobiography of Cloud
२२ सागर की आत्मकथा Autobiography of Ocean
२३ नदी की आत्मकथा Autobiography of River
२४ एक जीर्ण वृक्ष की आत्मकथा Autobiography of Old Tree
२५ एक बूढ़ी गाय की आत्मकथा Autobiography of Old Cow
२६ एक बूढ़े कुत्ते की आत्मकथा Autobiography of Old Dog
२७ पिंजड़े में बंद पंछी की आत्मकथा Autobiography of Bird in Cage
२८ एक जीर्ण किले की आत्मकथा Autobiography of Old Fort
२९ एक पाठशाला की आत्मकथा Autobiography of School
३० एक छाते की आत्मकथा Autobiography of Umbrella
३१ रुपया बोलता है Autobiography of Money
३२ कलम की आत्मकथा Autobiography of Pen
३३ बरसात का पहला दिन First day of Rain
३४ मेरा अद्भुत स्वप्न My Funniest Dream
३५ मेरे विद्यार्थी-जीवन की मधुर स्मृतियाँ My School Life Memories
३६ मेरी पाठशाला का स्नेह-संमेलन Annual Day Celebration in your School
३७ मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय प्रसंग The Unforgettable Day in My Life
३८ एक घायल सैनिक की आत्मकथा Autobiography of a Wounded Soldier
३९ पाठशाला से बिदा लेते हुए School Farewell Ceremony
४० स्कूल में मेरा पहला दिन First Day of My School
४१ मेरा प्रिय पंछी : तोता Essay On My Favorite Bird In Hindi
४२ मेरा प्रिय लेखक Essay On My Favorite Writer In Hindi
४३ मेरा प्रिय कवि My Favorite Poet

कल्पनात्मक निबंध – 

अनु.क्र कल्पनात्मक निबंध
यदि वर्षा न होती तो If there were no Rain
अगर देश मे पुलिस न हो If there were no Police
यदि सिनेमा बंद हो जाएँ If there were no Cinema
यदि समाचार पत्र न होते If there were no Newspaper
अगर बचपन लौट आए If I could go back to my childhood
यदि मैं भारत का प्रधान मंत्री होता If I were the Prime Minister of India
यदि मैं शिक्षामंत्री होता If I were the Education Minister
यदि मैं संरक्षणमंत्री होता If I were the Defence Minister of India
यदि मैं महापौर होता If I were the Mayor
१० यदि मै सैनिक होता If I were the Soldier
११ यदि मैं वैज्ञानिक होता If I were a Scientist
१२ यदि मैं कवि होता If I were a Poet
१३ यदि मैं परीक्षक होता If I were a Examiner
१४ यदि मैं शिक्षक होता If I were a Teacher
१५ यदि मैं विद्यालय का प्रधानाचार्य होता If I were a Principal of School
१६ यदि मुझे लाटरी लगी तो If I won a Lottery
१७ यदि मेरे पंख होते तो If I had Wings
१८ यदि सूरज न निकले तो If the Sun doesn’t rise
१९ यदि चाँद न होता If there was no Moon
२० यदी परीक्षा ना होती If there were no Exams
२१ यदि रात न होती तो If there was no Night

आलोचनात्मक निबंध –

आलोचनात्मक निबंध के अंतर्गत किसी ग्रंथ विशेष की आलोचना अथवा किसी पात्र का चरित्र-चित्रण आदि करना पड़ता है। ऐसे निबंधों में विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों पर तर्कपूर्ण विचार करने पड़ते हैं।

विचारात्मक निबंध –

इसमें किसी विचार अथवा भाव को लेकर रचना की जाती है। दर्शन, अर्थशास्त्र, राजनीति, धर्म, संस्कृति, सभ्यता, विज्ञान, इतिहास आदि से संबंध रखनेवाले विषय विचारात्मक निबंध के अंतर्गत आते हैं।

निबंध के अंग

१. प्रस्तावना

प्रस्तावना में निबंध की भूमिका रहती है। इसमें विषय का परिचय दिया जाता है। इसमें लेखक यह बतला देता है कि वह विषय के बारे में क्या कहना चाहता है और किस प्रकार से, किस ढंग से उसे कहेगा।

२. प्रसार

प्रसार में निबंध का कलेवर या शरीर रहता है। यह निबंध का सबसे विस्तृत अंश होता है। इसमें निबंध-लेखक को विषय के बारे में अपना सारा ज्ञान संक्षेप में तथा मनोरंजक शैली में उपस्थित करना होता है।

३. उपसंहार

निबंध का अंतिम भाग उपसंहार है। इसमें आरंभ से अंत तक का एक संक्षिप्त विवरण, वर्णन या विवेचन करना होता है। इसमें सारे निबंध का सिंहावलोकन-सा किया जाता है।

निबंधों के प्रकार:

निबंध के विषयों का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है। मानव-समाज, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, मानव प्रवृत्तियाँ, आचार-विचार, जीव-जगत्, पशु-पक्षी, भवन, शहर, गाँव, यात्रा, आत्मकथा आदि किसी भी विषय पर निबंध लिखा जा सकता है।

सुविधा की दृष्टि से निबंध को चार वर्गों में बाँटा जा सकता है : १. वर्णनात्मक, २. कथात्मक या विवरणात्मक, ३. भावात्मक अथवा विचारात्मक, ४. आलोचनात्मक।

१. वर्णनात्मक निबंध –

वर्णनात्मक निबंध के अंतर्गतमें किसी वस्तु, पदार्थ, स्थान, यात्रा, घटना या दृश्य आदि का वर्णन किया जाता है। इसमें युक्ति-प्रमाण नहीं दिए जाते, केवल वर्ण्य-विषय का यथार्थ चित्रण किया जाता है।

२. कथात्मक या विवरणात्मक निबंध –

कथात्मक या विवरणात्मक निबंध के अंतर्गत इतिहास, जीवन-चरित, कहानी, आत्मकथा आदि विषय आते हैं।

३. विचारात्मक निबंध –

इसमें किसी विचार अथवा भाव को लेकर रचना की जाती है। दर्शन, अर्थशास्त्र, राजनीति, धर्म, संस्कृति, सभ्यता, विज्ञान, इतिहास आदि से संबंध रखनेवाले विषय विचारात्मक निबंध के अंतर्गत आते हैं। विचारात्मक निबंध के दो भेद होते हैं – (क) भावनाप्रधान, (ख) तर्कप्रधान।

(क) भावनाप्रधान – इसमें अपने मन की भावनाओं में बहता हुआ लेखक भावुक शैली में लिखता है। वह अपने भावों को सही मानता हुआ, जो कुछ मन में तरंग आए, उसी को शब्दावली में गुंफित कर देता है।

(ख) तर्कप्रधान – तर्कप्रधान निबंध में विचार को तर्क अथवा युक्ति-प्रमाणों से सिद्ध करने का प्रयत्न किया जाता है। कभी-कभी किसी विचार का विश्लेषण या विवेचन किया जाता है। इसमें किसी भाव या विचार पर वाद-विवाद भी किया जाता है। इसमें किसी वस्तु, विषय या रचना की आलोचना भी की जाती है, या आलोचना की प्रत्यालोचना भी की जाती है।

४. आलोचनात्मक निबंध –

आलोचनात्मक निबंध के अंतर्गत किसी ग्रंथ विशेष की आलोचना अथवा किसी पात्र का चरित्र-चित्रण आदि करना पड़ता है। ऐसे निबंधों में विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों पर तर्कपूर्ण विचार करने पड़ते हैं।

निबंध लेखन का उद्देश्य :

विद्यार्थियों को छोटी कक्षाओं में ही निबंध लिखने की प्रेरणा दी जाती है। आरंभ में उनसे छोटे-छोटे विषयों पर वर्णनात्मक निबंध लिखवाए जाते हैं। क्रमश: जब उन्हें निबंध लिखने का अभ्यास हो जाता है तब वे कुछ गंभीर विषयों पर भी निबंध लिखकर अपने विचार प्रकट करने में समर्थ होते हैं। निबंध-लेखन के द्वारा लेखक और पाठक दोनों को ही यथेष्ट लाभ होता है।

१. सर्वप्रथम निबंध-लेखन के द्वारा लेखक को विभिन्न प्रकार के विषयों एवं प्रसंगों पर सोचने और विचार करने का अवसर मिलता है।

२. निबंध-लेखन द्वारा लेखक की लेखन-शक्ति का विकास और अभ्यास होता है।

३. पाठक को लेखक की रुचि और विचार का ज्ञान होता है।

४. शिक्षक को विद्यार्थियों के ज्ञान की थाह लगती है। तब वह यह समझने में समर्थ हो जाता है कि विद्यार्थी अपने विचारों को व्यक्त करने में कहाँ तक सफल हो सकता है।

५. विद्यार्थी का मानसिक विकास किस स्तर का है तथा उसका साधारण ज्ञान कैसा है—इसका अनुमान भी शिक्षक उसके निबंध-लेखन के द्वारा सहज ही लगा सकते हैं।

ऐसे लिखें निबंध:

निबंध लिखना वास्तव में एक कला है। सर्वप्रथम जिस विषय पर निबंध लिखना हो, उस विषय पर पूर्ण रूप से विचार कर लेना चाहिए तथा मन में आए हुए विचारों को नोट करते जाना चाहिए। इसके पश्‍चात् निबंध की एक रूपरेखा बना लेनी चाहिए। इसी रूपरेखा के अनुसार निबंध के आरंभ में विषय-परिचय संक्षेप में देना चाहिए। विषय-परिचय को ही दूसरे शब्दों में ‘भूमिका देना’ अथवा ‘विषय प्रवेश कराना’ भी कहा जाता है।

यह स्मरण रखना आवश्यक है कि भूमिका आकर्षक हो। आकर्षक विषय-प्रवेश ही पाठक के हृदय में लेखक के प्रति रुचि उत्पन्न करता है; पाठक का कुतूहल जाग्रत् करता है और वह पूरा निबंध पढ़ने की इच्छा करने लगता है। यदि भूमिका ही रोचक और कुतूहलवर्द्धक नहीं होगी तो पाठक कभी पूरा निबंध पढ़ने की इच्छा नहीं करेगा, इसलिए भूमिका-लेखन में कौशल की आवश्यकता पड़ती है।

विषय-परिचय के बाद लेखक को मुख्य प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन करना चाहिए। यह अंश निबंध का ‘मध्य भाग’ कहलाता है। मध्य भाग में लेखक को अपने एक-एक विचार पृथक्-पृथक् अनुच्छेद (पैराग्राफ) में प्रकट करने चाहिए। प्रत्येक बात क्रमपूर्वक समझानी चाहिए। विचारों को उलझने नहीं देना चाहिए। निबंध का मध्य भाग न अति संक्षेप में और न अति विस्तार में लिखना चाहिए।

पूरी बात समाप्त करके अंत में विषय का महत्त्व, उससे होनेवाले लाभ, हानि, अभाव आदि पर स्वयं के विचार प्रकट करने चाहिए, जिससे पाठक लेखक के विचारों से अवगत हो जाए कि उक्त विषय पर उसके विचार क्या हैं। निबंध का यह अंतिम भाग ‘उपसंहार’ कहलाता है। इसे ही पढ़कर लेखक के विचार, ज्ञान, आदर्श, उद्देश्य आदि के विषय में पाठक अपनी धारणा निश्‍चित करता है।

अच्छे निबंध के गुण और विशेषताएँ:

१. निबंध की भाषा सरल, सुस्पष्ट और सुबोध होनी चाहिए।

२. वाक्य छोटे, सरल और भावपूर्ण होने चाहिए। लंबे-लंबे मिश्रित वाक्य लिखने से बचना चाहिए।

३. निबंध में कृत्रिम भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

४. निबंध लिखते समय शब्दों और वाक्यों के क्रम ठीक रहने चाहिए।

५. विराम-चिह्नों तथा अनुच्छेद का पूर्ण और उचित प्रयोग करना चाहिए।

६. निबंध के अंतर्गत एक ही बात को घुमा-फिराकर बार-बार नहीं लिखना चाहिए।

७. निबंध में परस्पर विरोधी बातें नहीं लिखनी चाहिए।

८. निबंध लिखते समय विषय-सामग्री की सीमा का बहुत ध्यान रखना चाहिए।