निरक्षरता एक अभिशाप हिंदी निबंध Illiteracy Essay in Hindi

निरक्षरता एक अभिशाप हिंदी निबंध Illiteracy Essay in Hindi: निरक्षरता का अर्थ है-अक्षरज्ञान का न होना । अक्षरज्ञान के बिना व्यक्ति पढ़-लिख नहीं सकता। इसलिए अनपढ़ व्यक्ति को निरक्षर कहा जाता है।

निरक्षरता एक अभिशाप हिंदी निबंध Illiteracy Essay in Hindi

निरक्षरता एक अभिशाप हिंदी निबंध Illiteracy Essay in Hindi

आज की दुनिया में निरक्षर व्यक्ति की स्थिति

आज की दुनिया में तो ज्ञान-विज्ञान का बोलबाला है। साहित्य, कला, विज्ञान, इतिहास, धर्म आदि की बढ़िया से बढ़िया छपी हुई पुस्तकें आसानी से उपलब्ध हैं । लेकिन अशिक्षित व्यक्ति के लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है। वह पुस्तकों में संचित अनमोल ज्ञान का लाभ नहीं उठा सकता। अखबार और पत्र-पत्रिकाएँ न पढ़ पाने से देश-विदेश में हो रहे परिवर्तनों की उसे सही जानकारी नहीं होती । वह न किसी को पत्र लिख सकता है, न किसी का पत्र पढ़ सकता है। लिखने-पढ़ने के मामले में उसे हमेशा दूसरों का मुँह ताकना पड़ता है। विद्याविहीनो नरः पशुः’ की उक्ति उसके लिए खरी उतरती है।

भारत में निरक्षरता

दुख की बात है कि भारत में आज भी साक्षरता की तुलना में निरक्षरता कई गुना ज्यादा है। हमारे देश के लाखों गाँव आज भी अशिक्षा के अंधकार में डूबे हुए हैं। अनपढ़ किसानों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी नहीं है । शहरों में निरक्षर मजदूर पशुओं की तरह पेट पाल रहे हैं। देश के अधिकांश नागरिक जब निरक्षरता से पीड़ित हों, तब देश की उन्नति की कल्पना कैसे की जा सकती है?

निरक्षरता से देश को हानि

निरक्षरता के होते हुए देशवासियों में राष्ट्रीयता का प्रबल भाव जाग्रत नहीं हो सकता। संकुचित विचारों के कारण देश में एकता और भाईचारे की भावना नहीं पनप सकती। लोगों में विचारशक्ति का समुचित विकास नहीं हो सकता। अनपढ़ जनता तथाकथित नेताओं के जाल में आसानी से फँस जाती है, अधिकारी भी उसका शोषण करते हैं। अनपढ़ समाज को हर जगह ठोकर खानी पड़ती हैं । अपने अधिकारों और कर्तव्यों का उचित ज्ञान न होने से अशिक्षित लोग कभी आदर्श नागरिक नहीं बन सकते।

निरक्षरता-निवारण के उपाय

निरक्षरता के अभिशाप से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए सरकार और कई सामाजिक संस्थाएँ भरसक प्रयत्न कर रही हैं। फिर भी समय की मांग है कि निरक्षरता-निवारण के लिए विशेष प्रयल किए जाएँ। गाँव गाँव आदर्श विद्यालयों की स्थापना हो। प्रौढ़ शिक्षा के वर्गों का सही ढंगसे संचालन किया जाए। माध्यमिक स्तर तक नि:शुल्क शिक्षण दिया जाए। गाँव-गाँव में पुस्तकालय और वाचनालय शुरू किए जाएँ । शिक्षणसामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाए।

निरक्षरता से मुक्त भारत का स्वप्न

वह कौन-सा दिन होगा जब भारत का जन-गण निरक्षरता के अभिशाप से मुक्त होगा और यहाँ के धूलभरे हीरे भी अपनी चमक दिखा सकेंगे? प्रतीक्षा है हमें साक्षर भारत की।Illiteracy Essay in Hindi

Share on:

इस ब्लॉग पर आपको निबंध, भाषण, अनमोल विचार, कहानी पढ़ने के लिए मिलेगी |अगर आपको भी कोई जानकारी लिखनी है तो आप हमारे ब्लॉग पर लिख सकते हो |

Leave a Comment

x