समाचार पत्र की उपयोगिता हिंदी निबंध Importance of Newspaper

समाचार पत्र की उपयोगिता हिंदी निबंध Importance of Newspaper : आज के युग में समाचारपत्र हमारी दैनिक आवश्यकताओं में से एक है। सुबह समाचारपत्र पढ़ने को न मिले तो चाय और नाश्ते का स्वाद फीका पड़ जाता है। समाचारपत्र के प्रति लोगों का यह लगाव आज नए-नए और तरह-तरह के समाचारपत्र के रूप में सामने आ रहा है।

समाचार पत्र की उपयोगिता हिंदी निबंध Importance of Newspaper Essay in Hindi

समाचार पत्र की उपयोगिता हिंदी निबंध Importance of Newspaper Essay in Hindi

समाचार जानने का साधन

समाचारपत्र द्वारा हमें घर बैठे ही दुनिया की सभी महत्त्वपूर्ण घटनाओं के कारणों और परिणामों को जानकारी मिल जाती है। वैज्ञानिक आविष्कारों, खोजों, भयंकर दुर्घटनाओं, राष्ट्रों के पारस्परिक संबंधों और तनावो, दंगों, हड़तालों और अपराधों के बारे में समाचारपत्रों में पढ़कर हम संसार की वर्तमान हलचल का पूरा विवरण पा लेते हैं। राजनीतिक घटनाओं के समाचार अपना विशिष्ट महत्त्व रखते हैं। इनके अलावा व्यापार-बाजार के भाव ताव का भी पता चल जाता है। समाचारपत्र खेल-जगत की खबरें देकर खेलप्रेमियों की जिज्ञासा भी शांत करते हैं।

साहित्य और समाज के विकास में योगदान

समाचारपत्रों के रविवारीय अंक तथा विशेषांकों में समाचारों के अतिरिक्त साहित्यिक सामग्री भी रहती है। उनमें प्रकाशित कविता, कहानी, नाटक, निबंध, व्यंग्य आदि के द्वारा पाठकों का मनोरंजन तो होता ही है, ज्ञान भी बढ़ता है। समाचारपत्र एक समाजसुधारक की भूमिका निभाते हैं। वे नवजागरण के संदेशवाहक हैं।

संकटकालीन सेवा

समाचारपत्रों की संकटकालीन सेवाओ ने उनके महत्त्व में चार चाँद लगा दिए है। राष्ट्रीय या प्रांतीय संकट की घड़ी में समाचारपत्र संकटमोचन बन जाते हैं। बाढ़, अकाल, भूकंप आदि से पीड़ितों के लिए सहायता कोष खोलकर वे मानवता की प्रशंसनीय सेवा करते है। समाचारपत्र युद्ध और चुनाव के प्रमुख हथियार हैं।

राष्ट्रीय एकता, विश्वशांति तथा आंतरराष्ट्रीय सहयोग की स्थापना में समाचारपत्रों का बड़ा हाथ रहता है। समाचारपत्र सरकार और जनता के बीच की कड़ी बनकर लोगों के नागरिक अधिकारों की रक्षा करते हैं। निष्पक्ष अखबार जनता के सबसे बड़े सेवक हैं।

हानि

दुर्भाग्य से कभी-कभी कुछ समाचारपत्र धर्म, संप्रदाय या जाति की दलबंदी में पड़कर सामाजिक शांति को चौपट कर देते हैं। कभी-कभी कई समाचारपत्र प्रांतीयता या जातीयता को भड़काते हैं और राष्ट्रीय एकता को हानि पहुंचाते हैं। कुछ समाचारपत्र ऐसे भी होते हैं जो भ्रामक विज्ञापनों, अश्लील चित्रों और नमक-मिर्च लगाई हुई खबरों से जनता को गुमराह करते है। इस प्रकार समाचारपत्र स्वयं पथभ्रष्ट होकर समाज और देश को भारी हानि पहुँचा सकते हैं।

उपसंहार

आज दुनिया की महान शक्तियों में समाचारपत्रों को भी गिनती होती है। किसी ने ठीक ही कहा है

खींचो न कमानों, न तलवार निकालो।
जब तोप हो मुकाबिल, तो अखबार निकालो।।

अत: समाचारपत्रों का उपयोग व्यक्ति, समाज और देश की भलाई के लिए ही किया जाना चाहिए।

Share on:

इस ब्लॉग पर आपको निबंध, भाषण, अनमोल विचार, कहानी पढ़ने के लिए मिलेगी |अगर आपको भी कोई जानकारी लिखनी है तो आप हमारे ब्लॉग पर लिख सकते हो |

Leave a Comment