सैनिक शिक्षा हिंदी निबंध Military Education Essay in Hindi

सैनिक शिक्षा हिंदी निबंध Military Education Essay in Hindi: आज का युग संघर्षों का युग है। अत: अपनी सुरक्षा के लिए प्रत्येक स्वतंत्र देश के पास अपनी सुसज्जित सेना का होना आवश्यक है। इसी दृष्टि से ‘अनिवार्य सैनिक शिक्षा’ की बड़ी आवश्यकता है।

सैनिक शिक्षा हिंदी निबंध Military Education Essay in Hindi

सैनिक शिक्षा हिंदी निबंध Military Education Essay in Hindi

स्वतंत्र भारत की आवश्यकता

प्राचीन और मध्यकालीन भारत ने कभी सैनिक शिक्षा की कमी महसूस नहीं की। भारत जब पराधीन था तब अनिवार्य सैनिक शिक्षा की कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन आज भारत स्वतंत्र है। इस देश की स्वतंत्रता की रक्षा की जिम्मेदारी अब देशवासियों पर है। पड़ोसी देशों के आक्रमणों का सतत भय उस पर छाया हुआ रहता है। इसलिए भारत में अनिवार्य सैनिक शिक्षा का होना जरूरी बन गया ।

भारत में सैनिक शिक्षा

आज भारत के स्कूलों और कॉलेजों में ए. सी. सी. और एन. सी. सी. की तालीम दी जा रही है। पूना, देहरादून आदि स्थानों में सैनिक शिक्षा के लिए कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है। नागपुर विश्वविद्यालय में स्नातक कक्षाओं में सैनिक शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। जबलपुर एवं अमरावती में भी सैनिक शिक्षा देने का प्रबंध किया गया है। सैनिक शिक्षा के तीन विभाग हैं-स्थलसेना, जलसेना और हवाई सेना।

लाभ

सैनिक शिक्षा के द्वारा राष्ट्र को सच्चे और बहादुर सैनिक मिल सकते हैं। ऐसे सैनिक अपने प्राणों की बाजी लगाकर बाहरी हमले से देश की रक्षा करते हैं । सैनिक शिक्षा से नवयुवकों में अनुशासन, आज्ञापालन, स्वावलंबन, स्वाभिमान, स्वदेशप्रेम आदि सद्भावनाओं का विकास होता है। फलस्वरूप जनता का मानसिक और शारीरिक विकास होता है। लोग शक्तिशाली और निर्भय बनते हैं। देशप्रेम की भावना से प्रेरित होकर ही लोग बड़े-बड़े त्याग कर सकते हैं और स्वदेश के लिए कुरवानियाँ दे सकते हैं।

हानियाँ और भारतीय संस्कृति की विशेषता

कुछ विचारकों का मत है कि सैनिक शिक्षा से लोग युद्धप्रिय बन जाते हैं । अनिवार्य सैनिक शिक्षा का असर शिक्षा पर भी पड़ सकता है। पर भारतीय संस्कृति के प्रभाव से यहाँ के लोग अनुशासन का महत्त्व समझते हैं, इसलिए सैनिक शिक्षा पाकर भी वे उसके दोषों से मुक्त रहकर समाज एवं राष्ट्र का भरसक कल्याण करेंगे।

सैनिक शिक्षा का आदर्श Military Education

सैनिक शिक्षा दूसरे राष्ट्रों की स्वतंत्रता को हड़प करने या कमजोर देश पर हमला करने की दृष्टि से न दी जाए। इसका उद्देश्य देश की सुरक्षा और नवनिर्माण ही होना चाहिए। सचमुच, कल्याण और शांति की मंगल भावना से दी गई सैनिक शिक्षा विश्व में नया रंग ला सकती है।

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