राष्ट्रीय पक्षी मोर हिंदी निबंध National Bird Peacock Essay in Hindi

राष्ट्रीय पक्षी मोर हिंदी निबंध National Bird Peacock Essay in Hindi: प्रत्येक देश में भाँति-भाँति के पक्षी होते हैं। देश के इतिहास, पुराण, साहित्य और धर्म में उन पक्षियों का महत्त्व होता है। उस देश की प्रकृति से उन पक्षियों का एक रिश्ता-सा होता है। हमारे देश में तोता, मैना, कोयल, कबूतर, हंस, गरुड़ आदि पक्षी अपना खास महत्त्व रखते हैं, किंतु इनमें से मोर को भारत के राष्ट्रीय पक्षी के रूप में मान्यता मिली है।

राष्ट्रीय पक्षी मोर हिंदी निबंध National Bird Peacock Essay in Hindi

राष्ट्रीय पक्षी मोर हिंदी निबंध National Bird Peacock Essay in Hindi

मोर की सुंदरता

मोर हमारे देश का एक मनोहर पक्षी है। वह कुदरत की कला का एक सुंदर नमूना है । उसका नीला रंग, सिर की कलगी और रंगबिरंगे पंख अनोखी छटा प्रकट करते हैं । उसकी चलने की शान निराली है । मोर की आवाज को केकारव’ कहते हैं । कवियों ने मोर की अद्भुत सुंदरता और उसके मधुर केकारव की बड़ी प्रशंसा की है। हमारा सारा संगीतशास्त्र मोर की ध्वनि पर ही रचा गया है। अपनी इन खूबियों के कारण वह हमारे देश का सबसे अधिक लोकप्रिय पक्षी है।

मोर और वर्षा

वर्षा के बादलों को देखकर जब भारत के करोड़ों किसान प्रसन्न होते हैं, तब मोर भी खुशी से झूम उठता है। इसी खुशी में वह पंख फैलाकर नाचने लगता है। उसकी टेहूँ टेहूँ की मीठी आवाज से सूने जंगल गूंज उठते हैं । वनों और बागों में नाचते हुए मोर को देखकर हमारा मन-मयूर भी नाच उठता है। मोर संगीत और नृत्य में मग्न रहनेवाला अनोखा भारतीय पक्षी है।

धर्म और साहित्य में मोर का स्थान

श्रीकृष्ण को मोर के पंख बड़े प्रिय थे। वे हमेशा मोरपंखों का मुकुट पहनते थे। विद्या और कला की देवी सरस्वती का वाहन भी मोर ही है। श्रीकृष्ण और सरस्वती का प्यारा होने के कारण मोर हमारे धर्म और साहित्य का विशिष्ट पक्षी बन गया है। शाहजहाँ ने मयूर-सिंहासन बनवाकर इतिहास में भी मोर को अमर कर दिया है । भारतीय शिल्प के अनेक नमूनों में मोर को बड़ी शान से अंकित किया गया है।

मोर में भारतीय संस्कृति की शान

मोर अपने भारी शरीर कारण बहुत ऊँचाई पर नहीं उड़ सकता, फिर भी इससे उसके गौरव में कोई कमी नहीं आती। जहरीले साँप को वह देखते ही देखते खत्म कर देता है। उसके अप्रतिम सौदर्य और माधुर्य ने केवल भारतीयों के ही नहीं, दुनिया के सभी लोगों के दिल जीत लिए हैं । मोर की शान में भारतीय संस्कृति की शान झलकती है, इसीलिए उसे राष्ट्रीय पक्षी बनने का सम्मान मिला है, जो हर तरह से उचित है।

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