राष्ट्रीय एकता हिंदी निबंध National Unity Essay in Hindi

राष्ट्रीय एकता हिंदी निबंध National Unity Essay in Hindi: भारत विविधता में एकता प्रकट करनेवाला अनोखा देश है। अलग-अलग धर्मा, भाषाओं, संप्रदायों और जातियों के बावजूद यहाँ सांस्कृतिक एकता का कभी अभाव नहीं रहा। भारत को भौगोलिक स्थिति भी इसे एक राष्ट्र बनाए रखने में बड़ी सहायक रही है। आज तो यहाँ एक लोकतंत्रात्मक शासनपद्धति है। हमारा एक राष्ट्र-ध्वज, एक राष्ट्र-गीत, एक राष्ट्रीय मुद्रा और एक केंद्रीय सरकार है। सारा संसार भारत को एक स्वतंत्र और सार्वभौम राष्ट्र मानता है।

राष्ट्रीय एकता हिंदी निबंध National Unity Essay in Hindi

राष्ट्रीय एकता हिंदी निबंध National Unity Essay in Hindi

आज की स्थिति

आज कुछ स्वार्थी तत्त्व देश की एकता को तोड़ना चाहते हैं। धर्म, भाषा या क्षेत्रीयता के नाम पर वे देश को तोड़ने का प्रयत्न कर रहे हैं। इन देशद्रोही लोगों ने ही पंजाब में आतंकवाद को फैलाया। इन्होंने ही बरसों तक कश्मीर में हमारे भाईचारे को हानि पहुँचाई । देश के पूर्वी प्रांतों में ये ही लोग देश के दुश्मन हैं। ये नहीं चाहते कि भारत आगे बढ़े और वह एक सुखी और समृद्ध देश बने।

एकता का महत्व

एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। वह हमारी असली पूँजी है। वह राष्ट्र का प्राण है। एक होकर ही हम देश की योजनाओं को पूरा कर सकते हैं । देश की एकता ही कृषि, उद्योग तथा विज्ञान के क्षेत्र में हमारी प्रगति के द्वार खोल सकती है। हमारी एकता की शक्ति देखकर शत्रु हम पर आक्रमण करने का साहस नहीं कर सकते।

एकता न होने से हानि

एकता न होने पर भारत एक राष्ट्र होने के गौरव से वंचित हो जाएगा। एकता न होने के कारण ही हम सदियों तक विदेशियों की पराधीनता में रहे है। शंकों, मंगोलों, मुगलों, अंग्रेजों, फ्रांसीसियों आदि ने हमारी फूट का पूरा लाभ उठाया। उन्होंने यहाँ अपने राज्य स्थापित किए। उनके कारण देश खोखला हो गया। भला हो उन देशभक्त क्रांतिकारियों और नेताओं का, जिन्होंने अनेक कष्ट सहकर इस देश को स्वतंत्रता दिलाई। इतिहास के इस सबक को हम कभी नहीं भूल सकते।

राष्ट्रीय एकता कायम रखने के उपाय

राष्ट्रीय एकता कायम रखने के लिए हमें छोटे-मोटे झगड़े भूलने पड़ेंगे। हमें क्षेत्रवाद की भावना छोड़नी होगी । क्षेत्रीय हितों को राष्ट्रीय हितों पर कुर्बान करना पड़ेगा। भाषावाद, संप्रदायवाद और जातिवाद को हमेशा के लिए दफना देना होगा। अखबार, रेडियो, दूरदर्शन, शिक्षा आदि राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में काफी सहयोग दे सकते है।

देशवासियों की समझदारी National Unity

एकता राष्ट्र की ढ़ि है, भारतमाता की शान है । इसलिए हम मिल-जुलकर सहयोगपूर्वक रहें। हममें मतभेद भले हों, पर मनभेद कभी न हो । भारत के सभी राज्य अपने को देशरूपी शरीर का अंग मानें, तो राष्ट्रीय एकता का आदर्श सिद्ध हो सकता है।

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